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| Honorable Vice President, Governor, Chief Minister Maharashtra and Trustee of Adhyatm Parivar, Shri Hiteshbhai Mot |
मुंबई, २३ मार्च २०२६ (महासागर वृत्त संस्था): दीक्षा धर्म के महानायक, जगप्रसिद्ध जैनाचार्य श्रीमद् विजय योगतिलकसूरीश्वरजी महाराज की वैराग्यमयी वाणी के प्रभाव से गत माघ वद 7, दिनांक 8-2-2026 को मुंबई, महाराष्ट्र की धरती पर सदियों में पहली बार एक ही स्थान पर, एक ही मंडप में 64 दीक्षाएँ सम्पन्न हुईं।
जैन शासन की आधारशिला समान इस दीक्षा धर्म के अभिनंदन हेतु चैत्र सुद 3, दिनांक 21-3-2026 को मालाबार हिल स्थित लोकभवन में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, कैबिनेट मंत्री श्री मंगलप्रभात लोढ़ा आदि की उपस्थिति में भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपरोक्त सभी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भगवान महावीर द्वारा दर्शाए गए निष्पाप जीवन एवं दीक्षा जीवन की मुक्त कंठ से सराहना की गई।
इस आयोजन के अंतर्गत लोकभवन में प्रसिद्ध जैन संस्था ‘अध्यात्म परिवार’ द्वारा विभिन्न प्रदर्शनों का आयोजन किया गया, जिसे उपराष्ट्रपति सहित सभी मंत्रियों ने सराहा।
आनंद में वृद्धि करते हुए वैशाख सुद 9, दिनांक 11-5-2026 को लोनावला में ‘सूरियोग’ की निश्रा में, जो मुमुक्षु रत्न श्री सुव्रत कुमार युवावस्था में दीक्षा ग्रहण करने वाले हैं, उनका भी उपराष्ट्रपति आदि द्वारा सम्मान किया गया।
साथ ही 64 दीक्षा महोत्सव के अंतर्गत अध्यात्म परिवार द्वारा चल रही जैन शासन की सेवा एवं सुरक्षा हेतु निधि में जिन्होंने उदारतापूर्वक योगदान दिया था, उन सभी महानुभावों का भी उपराष्ट्रपति आदि द्वारा सम्मान किया गया।
जैन शासन के अनेक अग्रणी, ट्रस्टीगण एवं सेवाभावी जन इस ऐतिहासिक एवं यादगार अवसर के साक्षी बने। कार्यक्रम के समापन के पश्चात सभी को आदरपूर्वक बैठाकर साधर्मिक भक्ति के साथ सम्मानित किया गया।

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